Monday, February 29, 2016

कर्मभाग्य फलित -डॉ.सुहास रोकडे

🙏 हरी ॐ 🙏

स्वप्न फलित


इलियास होवे ने सिलाई मशीन की खोज की थी. उन्होंने अपने सपनें में खुद को आदिवासियों की कैद में देखा था जो उन्हें जलाने वाले थे. इस दौरान वे आदिवासी अपने हथियारों को अजीब तरह से सिल रहे थे. परन्तु इससे एलियास को सिलाई मशीन की तकनीक समझ में आ गई.

कर्मभाग्य फलित
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शहद खाने के नियम...

शहद खाएं तो इन बातों का रखें ध्यान वरना ये जहर बन जाएगा

भविष्य जानने की विधी...
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शहद को आयुर्वेद में अमृत माना गया है। रोजाना सही ढंग से शहद लेना सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन गलत तरीके से शहद का सेवन करने से फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। इसलिए जब भी शहद का सेवन करें नीचे लिखी बातों को जरूर ध्यान में रखें।

चाय, कॉफी में शहद का उपयोग नहीं करना चाहिए। शहद का इनके साथ सेवन जहर के समान काम करता है।अमरूद, गन्ना, अंगूर, खट्टे फलों के साथ शहद अमृत है।इसे आग पर कभी न तपायें।

मांस, मछली के साथ शहद का सेवन जहर के समान है।

शहद में घी या दूध बराबर मात्रा में हानिकारक है।

चीनी के साथ शहद मिलाना अमृत में विष मिलाने के समान है।

एक साथ अधिक मात्रा में शहद न लें। ऐसा करना नुकसानदायक होता है। शहद दिन में दो या तीन बार एक चम्मच लें।

–तेल, मक्खन में शहद जहर के समान है।

शहद खाकर किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही हो तो नींबू का सेवन करें।

Wednesday, January 27, 2016

बाल कब कटवाये...- डॉ.सुहास रोकडे

अपने कल्याण के इच्छुक व्यक्ति को बुधवार व शुक्रवार के अतिरिक्त अन्य दिनों में बाल नहीं कटवाने चाहिए।

सोमवार को बाल कटवाने से शिवभक्ति की हानि होती है। पुत्रवान को इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। मंगलवार को बाल कटाना मृत्यु का कारण भी हो सकता है। बुधवार को बाल, नख काटने-कटवाने से धन की प्राप्ति होती है। गुरुवार को बाल कटवाने से लक्ष्मी और मान की हानि होती है। शुक्रवार लाभ और यश की प्राप्ति कराने वाला है। शनिवार मृत्यु का कारण होता है। रविवार तोसूर्यदेव का दिन है, इस दिन क्षौर कराने से धन,बुद्धि और धर्म की क्षति होती है।

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Sunday, January 17, 2016

Let's watch How to select life partner

Marriage Life from SnapTube http://m.youtube.com/watch?v=Y8EKtYwR7RE&feature=em-upload_owner

Monday, December 14, 2015

हनुमानजी का जन्म रहस्य

झारखंड में जन्में थे हनुमान

क्या आपको पता है कि हनुमान जी का जन्म कहां हुआ था? हनुमान का जन्म झारखंड राज्य के सबसे उग्रवाद प्रभावित गुमला जिले में जिला मुख्यालय से से 20 किमी दूर आंजनधाम में हुआ था। यही नहीं, पवनसुत हनुमान के जन्म स्थली के अलावा गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में बालि व सुग्रीव का राज्य था। यहीं पर शबरी आश्रम भी है, जहां माता शबरी ने भगवान राम व लक्ष्मण को जूठे बेर खिलाए। पंपापुर सरोवर भी यहीं है, जहां भगवान राम और भ्राता लक्ष्मण ने रुककर स्नान भी किया था।

अंजनी माता ने बंद किया गुफा का द्वार

गुमला शहर से मात्र 20 किमी दूर जंगल व पहाड़ों से घिरा आंजन गांव एक अति प्राचीन धार्मिक स्थल है। यहीं पहाड़ की चोटी स्थित गुफा में माता अंजनी के गर्भ से हनुमान जी का जन्म हुआ था, जहां अंजनी माता की प्रस्तर मूर्ति विद्यमान है। अंजनी माता जिस गुफा में रहा करती थीं, उसका प्रवेश द्वार एक विशाल पत्थर की चट्टान से बंद है। अंजनी माता के भक्त द्वार के एक छोटे छिद्र से अक्षत व पुष्प अंदर चढ़ाते हैं। एक जनश्रुति के अनुसार एक बार आदिवासियों ने माता अंजनी को प्रसन्न करने के मकसद से अंजनी की गुफा के समक्ष बकरे की बलि दे दी। इससे माता अप्रसन्न हो गईं और गुफा के द्वार को हमेशा के लिए चट्टान से बंद कर लिया।

1500 फीट लंबी है गुफा

कहा जाता है कि गुफा की लंबाई 1500 फीट से अधिक है। इसी गुफा से माता अंजनी खटवा नदी तक जाती थीं और स्नान
कर लौट आती थीं। खटवा नदी में एक अंधेरी सुरंग है, जो आंजन गुफा तक ले जाती है। किंतु आज इस सुरंग में अंदर जाने का साहस कोई नहीं कर पाता क्योंकि गुफा के रास्ते में खूंखार जानवर व विषैले जीव जंतु घर बनाए हुए हैं।

यहीं है प्राचीन सप्त जनाश्रम

आंजन पहाड़ पर रामायण युगीन ऋषि-मुनियों ने सप्त जनाश्रम स्थापित किया था। यहां सभी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध थीं।
यहां सात जनजातियां निवास करतीं थीं। इनमें शबर, वानर, निषाद्, गृद्धख् नाग, किन्नर व राक्षस थे। आश्रम के
प्रभारी को कुलपति कहा जाता था। कुलपतियों में अगस्त्य, अगस्त्यभ्राता, सुतीक्ष्ण, मांडकणि, अत्रि, शरभंग व मतंग थे।
छोटानागपुर में दो स्थानों पर आश्रम है। इनमें एक आंजन व दूसरा टांगीनाथ धाम है।

ज्योतिष्याचार्य एवंम् यज्ञ पुरोहित
डॉ.सुहास रोकडे
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Saturday, November 7, 2015

अकालमृत्यु निवारणार्थ - डॉ.सुहास रोकडे

🙏 हरी ॐ 🙏

उद्या धनवंतरी जयंतीस सदृढ आरोग्यप्राप्तीसाठी धन्वंतरी पुजन करुन अकालमृत्युयोग निवारणार्थ दक्षिणमुखीदिप प्रज्वलित करुन त्यात एक काळा गुंजा टाकावा व यमदेवास अकालमृत्युयोग निवारणार्थ प्रार्थना करावी. यास यमदिपदान असे म्हणतात. जो आपण सहसा करीत नाही..
आपला परिवार व आपण आनंदी सुखी राहावे हीच श्रीचरणी प्रार्थना....
👣💐शुभ दिपावली💐👣

ज्योतिष्याचार्य
डॉ.सुहास रोकडे
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Friday, October 30, 2015

स्वप्न सुचना...ज्योतिष्याचार्य डॉ.सुहास

🙏हरी ॐ 🙏

स्वप्न सुचना..

सपने अगर निरंतर सर्प दिखाई पडे तो यह सर्पदोषपीडा का  सुचक है और दोषमुक्ती बाद धनवृध्दी का.....

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Thursday, October 29, 2015

मंत्रशक्ती - ज्योतिष्याचार्य डॉ.सुहास

To leave drinking habit - Dr.Suhas

If some has heavy wine drinker & u wish to release it from such bad habits then just follow remedies....

1) If u found drunker empty used bottel in which some used wine is there then fill it with toilet cleaning acid & kept it at west+south corner of your house where nobody can see & touch it for 3-4 month when u find he leave drink then take that bottle go to area where nobody is there at evening & burry it as assume we burry someone dead body & pray for god for free to him from such habits. Then return home speechless without see back. Take a bath & wear fresh cloth.
2) Take a new wine bottle move around his body for 7 times with brairav mantra & throw it at railway track when train will arriving.
3) Move full fresh wine bottle around his body from head to feet with same bhairav mantra & give brairav murti to drink with sankalp for drunker to release him from such habit.
4) Take a 250 gm ova & 2 glass water. Boil it till remains 1/4. Then poured it from cloth & fill into fresh clean water bottle & keep it into freeze. Then at every morning & evening give him half cup with empty stomach daily.

Above all remedies r work 100% just do it & report me output.

Consultant Dr.Suhas R. (Astrologer),Ph.D.
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